
हमें अपनी कामनाओं की तरफ देखना होगा। जो हमारी हैं हीं नहीं हम उन्हें हीं पूरा करने में लगे हुए होते हैं। हमने किसको अपने आदर्श से बना रखे हैं, उन्हें भी देखना होगा। दुनिया के शीर्ष 1% लोगों ने पृथ्वी को सर्वनाश की जगह ला कर छोड़ दिया हैं। इसका सही समाधान आचार्यजी ने बहुत अच्छे से समझाया हैं 🙏