
✍🏻 पोस्ट 4 | 26 जुलाई '26 💭 विषय — तकनीक / कृत्रिम बुद्धिमत्ता ────────── 🤖 जब इंसानों से ज़्यादा भरोसा AI पर होने लगे... "आज फिर वही बेचैनी है..." रात के ढाई बजे फोन की स्क्रीन पर यह संदेश टाइप हुआ। लेकिन यह संदेश किसी दोस्त, भाई या जीवनसाथी को नहीं भेजा गया था। सामने था एक AI Companion. उसने तुरंत जवाब दिया, "मैं हूँ ना... बताइए।" सुबह तक उस युवक को लगा कि किसी ने उसे समझ लिया। लेकिन एक प्रश्न रह गया... क्या सचमुच किसी ने उसे स…








































