
किचन के काम से लेकर PAF मैं काम करने तक का सफर ✨ आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैं अपनी किचन में खड़े होकर खाना पका रही थी, मेरा बेटा मेरे पास ही खड़ा, मेरे कपड़े खींच रहा था रो रो कर खेलने की जिद कर रहा था वो बस अभी तीन साल का ही था लेकिन मेरी हिम्मत नहीं थी कि इतने काम और थकान के बाद उसके साथ खेल भी पाऊं, क्योंकि उस समय मैं फिर से प्रेगनेंट भी थी। क्योंकि ये बात बिल्कुल दिमाग में घुसी हुई थी कि बच्चे दो तो होने ही चाहिए फिर भले ही उसके लिए तुम्…












































