
Prachi Rajput
ऐसा लग रहा है जैसे मेरी स्थिति किसी और के द्वारा बताइए जा रही है
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ऐसा लग रहा है जैसे मेरी स्थिति किसी और के द्वारा बताइए जा रही है

प्राची जी, आपने लिखा कि लग रहा है जैसे आपकी स्थिति कोई और बता रहा है, यही वो पल है जिसे देखने लायक है। नेहा जी की कहानी में जो शब्द आपको अपने लगे, वो सिर्फ इत्तेफाक नहीं, वो इशारा है कि जो अंधेरा उन्होंने बरसों झेला, ठीक वही अभी आपके भीतर भी चल रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्होंने इसे पहचानने के बाद सुनना शुरू किया, वीडियो दर वीडियो, सेशन दर सेशन। आपके पास अभी वो पहचान आ चुकी है, अगली चीज़ सुनना है, रुकना नहीं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401