
✍🏻 पोस्ट 23 | 4 अक्टूबर '26 💭 विषय — ग्लोबल करंट अफ़ेयर्स ────────── 🐾 विश्व पशु संरक्षण दिवस पर एक संदेश आज 4 अक्टूबर को विश्व पशु दिवस है। 2026 की आधिकारिक थीम है, “See the World Through Their Eyes”, यानी “दुनिया को उनकी आँखों से देखिए।” यह थीम हमें अपनी मानव-केंद्रित दृष्टि से बाहर निकलकर यह देखने के लिए कहती है कि हमारी गतिविधियों और फैसलों का असर दूसरे जीवों की दुनिया पर कैसा पड़ रहा है। 🐘 इसमें हाथी, बाघ और अन्य वन्यजीवों से लेकर 🐕 कुत्ते, 🐈 बिल्लियाँ, 🐄 गाय जैसे पालतू और खेतों में पाले जाने वाले पशु, 🐦 पक्षी, 🐝 मधुमक्खियाँ, 🐟 मछलियाँ, 🐋 व्हेल और 🦋 तितलियों जैसे असंख्य जीव शामिल हैं। 🌍 पृथ्वी का पारिस्थितिकी तंत्र असंख्य जीवों के आपसी संबंधों पर निर्भर करता है। लेकिन सवाल केवल पारिस्थितिक संतुलन का नहीं है। कई पशु दर्द, डर और तनाव महसूस करते हैं। फिर भी उनकी दुनिया अक्सर हमारी जरूरतों, सुविधा और उपभोग के हिसाब से तय होती है। 🐔 और जब हम सचमुच उनकी दुनिया को देखने की कोशिश करते हैं, तो एक बहुत बड़ा तथ्य सामने आता है। 2024 में दुनिया में 37.4 करोड़ टन मांस का उत्पादन हुआ। इसी वर्ष उपलब्ध FAO-आधारित आँकड़ों के अनुसार, लगभग 87.9 अरब स्थलीय पशु मांस के लिए मारे गए। इनमें अकेले लगभग 78.5 अरब मुर्गियाँ थीं। इसके अलावा करीब 4.2 अरब बत्तखें, 1.5 अरब सूअर, 70.4 करोड़ भेड़, 56.4 करोड़ बकरियाँ और 30.5 करोड़ मवेशी भी शामिल थे। 🐟 और यह पूरी तस्वीर भी नहीं है। मछलियों के मामले में FAO व्यक्तिगत जीवों की संख्या नहीं, बल्कि वजन में उत्पादन और पकड़ के आँकड़े देता है। अलग-अलग शोध-अनुमानों में मछलियों की संख्या में काफी अंतर है, इसलिए इसे किसी एक निश्चित वैश्विक संख्या के रूप में बताना उचित नहीं होगा। 🥚 इसके अलावा ये आँकड़े अंडा और डेयरी उत्पादन से जुड़ी सभी अतिरिक्त पशु-मौतों को भी शामिल नहीं करते। 🪞 तब “See the World Through Their Eyes” केवल एक सुंदर थीम नहीं रह जाती। सवाल यह बनता है: जिस दुनिया को हम अपनी जरूरतों और सुविधा के हिसाब से सामान्य मानकर जीते हैं, वही दुनिया किसी पशु की दृष्टि से कैसी दिखाई देगी? ❓ अगर हम सच में दुनिया को उनकी आँखों से देखें, तो क्या हमारी अपनी जीवनशैली पर भी कोई सवाल उठेगा? 🔗 स्रोत: 🔗 https://hindi.downtoearth.org.in/wildlife-biodiversity/world-animal-day-the-need-to-be-sensitive-towards-animals 🔗 https://ourworldindata.org/data-insights/billions-of-chickens-ducks-and-pigs-are-slaughtered-for-meat-every-year















































