
अगर मुझे कुछ बातें पढ़ाया नहीं गया होता , अगर मुझे बचपन से शाकाहारी रखा जाता और जैसे स्कूलों मै पढ़ाया जाता है कि मुर्गी और बतख अंडा देते है मुर्गा , बकरी जैसे जानवर मिट गिविंग अनिमाल कह कर पढ़ाया जाता है गाय को मिल्क गिविंग अनिमाल कहकर पढ़ाया जाता है लेकिन असलियत कुछ और है मुर्गी और बतख इंसान खाए इसलिए अंडा देती है या उनसे जबरदस्ती अंडा निकलवाया जा रहा है गाय अपनी बच्चे के लिए नहीं इंसान के बच्चे जवान बूढ़ो के लिए दूध देती है ,या इंसान उसके बच्चे को उससे दूर रखकर सारा दूध अपने मुनाफ के लिए निकल लेती है और मांस देना ,मुर्गा ,मुर्गी बकरी ये अपने मांस खुद काटते है और इंसान को भी खुद देते है ये लो हमारी मांस खाओ ऐसा पढ़ाना कहां तक सही है ,बो भी बचपन से ज्यों का त्यों क्यों नहीं पढ़ाया जा सकता स्कूल भी ऐसा गलत शिक्षा कैसे दे सकती है । और ये सारी बात किसीको दुखसे देखने लगे तो बो कैसे इन सारी चीजों को खाने मै शामिल कैसे कर सकता है ।



















