
✍🏻 पोस्ट 16 | 28 अक्टूबर'26 💭 विषय — लोकधर्म ────────────── 🔪 "रिब रीमॉडलिंग" एक कॉस्मेटिक सर्जरी है, जिसमें सर्जन अल्ट्रासाउंड से पसलियों का पता लगाकर, कंपन करने वाले औज़ार से नीचे की 3-3 पसलियों में "ग्रीनस्टिक फ़्रैक्चर" (अधूरी टूट) कराता है। मरीज़ फिर 23 घंटे रोज़, करीब 3 महीने तक कॉर्सेट बाँधे रखता है, ताकि पसलियाँ नई जगह जमें। 📊 Plastic and Reconstructive Surgery जर्नल में 2018-2024 के बीच 2,351 मरीज़ों पर हुए एक अध्ययन में कुल 3.7% जटिलता-दर दर्ज हुई, जिसमें फेफड़ा धँसना (pneumothorax) और छाती में ख़ून जमना (haemothorax) जैसे जानलेवा ख़तरे भी शामिल थे। 🏥 London के एक प्लास्टिक सर्जन बताते हैं, ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन में इतनी जटिलता-दर कभी स्वीकार नहीं की जाती। ब्रिटेन की सर्जन संस्था (BAAPS) इसे अभी मान्यता नहीं देती, क्योंकि लंबे समय के असर पर पर्याप्त डेटा मौजूद नहीं। 📜 यह तकनीक 2017 में रूस में विकसित हुई, पहले यह और जोखिम भरी "पसली हटाने" की सर्जरी से निकली, जो लिवर-स्प्लीन की सुरक्षा घटाती थी। 16वीं से 19वीं सदी तक कसे हुए कॉर्सेट पहनना संपन्न वर्ग की सुंदरता का प्रतीक था, फिर 2010 के दशक में सोशल मीडिया ने फिर "घंटे के आकार" की कमर को लोकप्रिय बना दिया। 🪞 यहाँ एक मूल बात समझने लायक़ है। शरीर की देखभाल करना, उसे स्वस्थ रखना, एक बात है। शरीर को अपनी आख़िरी, स्थायी पहचान बना लेना, बिल्कुल दूसरी बात है। पहला शरीर का सम्मान है, दूसरा उसी शरीर में क़ैद हो जाना है। ⚙️ अहंकार जब भीतर से ख़ाली महसूस करता है, तो वह अपने-आप को किसी ठोस, दिखने वाली चीज़ से भरना चाहता है, कमर का नाप, शरीर का आकार, कोई ऐसी चीज़ जिसे नापा और दिखाया जा सके। हड्डी तोड़ने तक जाना, यह दिखाता है कि यह ख़ालीपन कितनी गहराई तक धकेल सकता है। 💭 और शरीर यहाँ दो भूमिकाओं में बँट जाता है, एक साधन के रूप में, जो किसी बड़े काम, किसी ऊँचे उद्देश्य की सेवा में लगता है, और दूसरा सिर्फ़ भोग और दिखावे के साधन के रूप में, जहाँ उसे बार-बार बदलना, काटना, ढालना पड़ता है, क्योंकि कोई एक आकार भी कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं करता। ❓ शरीर पर जो मेहनत, जो ख़र्च हो रहा है, वह उसे बेहतर काम के लायक़ बना रहा है, या सिर्फ़ एक दिखावटी साँचे में ढाल रहा है जिसे कभी अंतिम रूप से "काफ़ी" महसूस नहीं होगा? स्रोत: https://www.theguardian.com/lifeandstyle/2026/oct/28/the-shocking-rise-of-rib-remodelling-i-wanted-that-hourglass-shape













































