
Sneh lata
वर्तमान की बात केवल एक करवा चौथ की पूजा के लिए आज कितनी महिलाएं न जाने कितना पैसा अपने को सजाने के लिए बर्बाद कर रही है और कुछ पुरूष भी इन पर पैसा खर्च करने में पीछे नहीं रहेंगे। यही जगह हम अपनी ही बात लें लें हम संस्था में पैसे दे रहे थे तो वो रविन्द्र को दिक्कत हो गयी और अगर हम आज करवा चौथ पूजते तो हमको फिजूल की चीजें लाने में कोई दिक्कत नहीं होती तब तो पूछ पूछ कर सामान दिलाया जाता था। यही है लोग फिजूल पर खर्च करेंगे मगर शिक्षा और स्वास्थ्य पर नहीं। वैसे हमने कभी भी करवा चौथपर कुछ नहीं खरीदा सारा सामान मेरे घर से ही आता था।जब से छोड़ दिया हमने मम्मी को मना कर दिया। मगर मेरी मम्मी फिर भी भेजती थी।हम अपने शरीर को सजाने से ज्यादा स्वस्थ रखने में खर्च करते हैं।


















