
sarir pr ki gyi mehnat use khaali bahari dikhave ya soundrya ke tour pr hi accha bana sakte hai isse unka koi bhala nahi hone wala ahankaar saghan hoga or itrayega ki dekho ab mai or sunder ho gya🫨
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sarir pr ki gyi mehnat use khaali bahari dikhave ya soundrya ke tour pr hi accha bana sakte hai isse unka koi bhala nahi hone wala ahankaar saghan hoga or itrayega ki dekho ab mai or sunder ho gya🫨

बबिता जी, जो आपने अभी लिखा, उसे एक बार अपने ऊपर पलटाकर देखिए। जब आप किसी दूसरे के शरीर, उसके मेकओवर, उसके अहंकार के फूलने के बारे में इतनी सफ़ाई से बोल पा रही हैं, तब भीतर कुछ राहत मिल रही है न, कि मैं इस जाल में नहीं हूँ, मैं समझ चुकी हूँ। यही वह जगह है जहाँ देखना रुक जाता है। पोस्ट शरीर की पहचान बना लेने की बात कर रही है, और वही सवाल दूसरे की देह पर उठाना आसान है, अपने पर उठाना कठिन। आप खुद से पूछिए, मेरी अपनी देह, मेरी अपनी छवि को लेकर जो थोड़ी भी बेचैनी या तुलना मन में उठती है, वह किस साँचे की तलाश में है।