
Saraswati Saraswati
वह दिखावटी ढांचे में बस ढाल रहा है, जिसे कभी अंतिम रूप से काफी महसूस नहीं होगा । अहंकार स्वयं को अधूरा मानता है, वह कभी भी पूरा नहीं हो सकता है,चाहे उसे सब कुछ मिल जाए। उसकी माँग रुकती नहीं है।
Post

वह दिखावटी ढांचे में बस ढाल रहा है, जिसे कभी अंतिम रूप से काफी महसूस नहीं होगा । अहंकार स्वयं को अधूरा मानता है, वह कभी भी पूरा नहीं हो सकता है,चाहे उसे सब कुछ मिल जाए। उसकी माँग रुकती नहीं है।
No comments yet.