कोई निर्णय लेते समय अगर बहुत विचार आ जाते हों || आचार्य प्रशांत (2019)
आचार्य प्रशांत
Why do saints often talk of God in a bodily and personal sense? || Acharya Prashant (2019)
Acharya Prashant
ऐसे देखो अपनी हस्ती का सच || आचार्य प्रशांत (2019)
अगर अतीत के कर्मों को लेकर डर या शर्म हो || आचार्य प्रशांत (2019)
Is chanting just a religious ritual? || Acharya Prashant, on Guru Granth Sahib (2019)
बच्चों को ज़िंदगी में अच्छे से सेटल कैसे कराएँ? || आचार्य प्रशांत (2019)
अगर नासमझ लोगों की बातें चुभती हों तुम्हें || आचार्य प्रशांत (2019)
कैंसर का इलाज करोगे, या मुहाँसे का? || आचार्य प्रशांत (2019)
बिना डंडा खाए विवेक कहाँ जगता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
दूसरों की बातों का बहुत बुरा लगता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
एक छोटी सी चेतावनी उनको, जो उलझे हैं छोटी बातों में || आचार्य प्रशांत (2019)
सांसारिक काम करते हुए अध्यात्म के साथ कैसे रहें? || आचार्य प्रशांत (2019)
तुम इस पूरी व्यवस्था में अनावश्यक ही मौजूद हो || आचार्य प्रशांत (2019)
झूठे मेडिटेशन (ध्यान) से सावधान! || आचार्य प्रशांत (2019)
आपसे सवाल पूछने में घबराता हूँ, न पूछूँ तो पछताता हूँ || आचार्य प्रशांत (2019)
'मैं कौन हूँ?' पूछने से पहले पूछो 'मैं कैसा हूँ?' || आचार्य प्रशांत (2019)
How to get rid of inattention? || Acharya Prashant (2018)
Mere observation won't help, the sweetness and music of faith is needed || Acharya Prashant (2018)
रूप को नहीं, मूल्य को महत्व दो || आचार्य प्रशांत (2019)
Explanations don't help in the real sense || Acharya Prashant on, Jiddu Krishnamurti (2018)
वृत्तियों में भी बड़ी जान होती है || आचार्य प्रशांत (2019)
Beneath your simple looking life, is there real freedom? || Acharya Prashant,on J.Krishnamurti(2018)
सच को जितना परखोगे, उतना खरा निकलेगा || आचार्य प्रशांत (2019)
मन के खेल, तुम्हारी परेशानी || आचार्य प्रशांत (2018)
अगर कमज़ोर हो, तो अपनी कमज़ोरियों के साथ आगे बढ़ो || आचार्य प्रशांत (2019)
दूसरे की चिंता करते रहने को प्रेम नहीं कहते || आचार्य प्रशांत (2019)
जो काम उचित ही नहीं, उसमें डूबोगे कैसे? || आचार्य प्रशांत (2018)
संगति का अर्थ और परिणाम समझ लो, फिर विवाह करना || आचार्य प्रशांत (2019)
अगर मन छोटी बात पकड़ कर बैठ जाता हो || आचार्य प्रशांत (2018)
जो भी अच्छे से अच्छा अभी किया जा सकता है, वो करो || आचार्य प्रशांत (2019)