जरुरत और माँग में अंतर || आचार्य प्रशांत (2018)
आचार्य प्रशांत
तुम दुनिया से भिन्न नहीं हो || आचार्य प्रशांत (2015)
दुनिया में इतने कम कबीर क्यों? || आचार्य प्रशांत (2017)
सत्य का आभास कैसे हो? || आचार्य प्रशांत (2017)
सत्य को पाने के लिए प्रयास कितना आवश्यक है? || आचार्य प्रशांत (2017)
बुल्ले नूँ समझावन आँईयाँ भैनाँ ते भरजाईयाँ || आचार्य प्रशांत, संत बुल्लेशाह पर (2017)
सच्चे संबंध में निर्भरता नहीं होती || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
What is smart work? || Acharya Prashant, with youth (2014)
Acharya Prashant
बुल्ले नूं समझावण आइंयां || आचार्य प्रशांत, संत बुल्लेशाह पर (2017)
अहंकार को कैसे छोड़ें? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
उल्टे होर ज़माने आये || आचार्य प्रशांत, संत बुल्लेशाह पर (2017)
सफलता क्या है? लक्ष्य कहाँ से आए? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)
किसकी नकल करना लाभप्रद है? || आचार्य प्रशांत (2017)
शरीर मरणधर्मा है, तो मृत्यु से डर कैसा? || आचार्य प्रशांत (2017)
जीवन - अवसर स्वयं को पाने का || आचार्य प्रशांत, संत नागरीदास पर (2014)
सुनने का वास्तविक अर्थ || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
असली की माँग छोड़ो, बस नकली को हटाते चलो || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
‘राम खुमारी’ का अर्थ || आचार्य प्रशांत (2018)
मुक्ति व बंधन दोनों ही में रहने के लिए मुक्त है मनुष्य || आचार्य प्रशांत (2015)
Facts and imaginations || Acharya Prashant (2015)
मन की उचित दशा क्या || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
The Truth is what you are inspite of your identification with the false ||AcharyaPrashant,on Lao Tzu
मन और आत्मा में भेद || आचार्य प्रशांत, आदि शंकराचार्य पर (2013)
The difference between ordinary and common || Acharya Prashant (2014)
Work and Immersion || Acharya Prashant (2016)
Is there anything which is really yours? || Acharya Prashant (2014)
Vedas and milk || Acharya Prashant, on veganism (2017)
Hope promises change, but is an agent of continuity || Acharya Prashant (2015)
बोध शिविर तुम्हें तुम्हारे चक्करों से बाहर निकालता है || आचार्य प्रशांत (2017)
Is it possible to be spiritual and eat animals? || Acharya Prashant, on veganism (2017)