तीन क़दम आज़ादी की ओर || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
आचार्य प्रशांत
क्षणिक राहत को ख़ुशी का नाम मत दो || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)
हम डरते क्यों हैं? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
क्या है जीवन, क्या है मृत्यु? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2015)
काम, लालच और मन की गुणवत्ता || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
कहीं डर के पीछे स्वार्थ तो नहीं? || आचार्य प्रशांत (2019)
जीवन में इतने विरोधाभास क्यों? || आचार्य प्रशांत (2016)
तुम्हारा इंटरव्यू दस मिनट नहीं, तीन साल चलता है || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)
मैं इकट्ठा क्यों करता हूँ? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2015)
बंधन चाहने से बंधन मिलता है और मुक्ति चाहने से भी बंधन ही मिलता है || आचार्य प्रशांत (2016)
संस्कारग्रस्त मन भविष्य की ओर भागेगा ही || आचार्य प्रशांत ( 2015)
झूठे डर से मुक्ति कैसे? || आचार्य प्रशांत, नारद भक्ति सूत्र पर (2014)
प्रेम के विभिन्न नाम और प्रकार || आचार्य प्रशांत (2017)
करीब आने का क्या अर्थ है? || आचार्य प्रशांत (2014)
क्या दुनिया डरावनी है? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
कर्तव्य और डर || आचार्य प्रशांत (2017)
संत और संसारी के प्रेम में अंतर || आचार्य प्रशांत (2018)
अच्छा काम करने में डर की बाधा || आचार्य प्रशांत (2018)
सही काम करने में रुकावट क्यों आती है? || आचार्य प्रशांत (2018)
लोगों को सच्चाई से जोड़ने के लिए कैसे समझाएँ? || आचार्य प्रशांत (2019)
तुम्हारी और संसार की प्रकृति है अनित्यता || आचार्य प्रशांत (2013)
अपनी आदतों के सिवा मैं कुछ और नहीं || आचार्य प्रशांत (2013)
जीवन से डर कैसे हटाएँ? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2016)
नकली चेहरे हटाओ, फिर पूछो मैं कौन हूँ || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)
अध्यात्म, और कॉर्पोरेट जीवन || आचार्य प्रशांत (2018)
जब जीवन बासी और ऊब से भरा हुआ लगे || आचार्य प्रशांत (2017)
क्या योजनाएँ बनाना आवश्यक है? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
रिश्ते बिना प्रेम के नहीं चल सकते || आचार्य प्रशांत (2019)
मौत के डर से सहमा हुआ है हर ख्याल || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर
किसी और की नज़रों से ख़ुद को देखना || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)