
Book m total 22 lesson h avi mei 17 lesser pdh rhi hi rhi hun jitna pdhi Utne m mujhe bht kuchh clear hua ki ldki ko log jnm to dete h lekin unki parvarish kese krni ye nhi pta unko wo avi bhi whi purani ghisi piti pratha jo sadiyo se chli aa rhi hai usko nibhae ja rhe hai ki samaj kya kahega agr shadi nhi hui lski ki ghr pe kitna din rkhenge parayi dhan h yani unko jnm se hi praya dhan Maan ke ...

मेरी उम्र 32 वर्ष है और मेरा नाम मनीष है। लड़कियों और महिलाओं को देखने का मेरा नजरिया पहले काफी अलग था। शायद जो बातें आचार्य जी कर रहे हैं—कि एक patriarchal mentality वाला पुरुष किस तरह महिलाओं को दबाकर रखना चाहता है—उन्हें समझते हुए मुझे महसूस हुआ कि कहीं न कहीं मेरी सोच में भी उसी मानसिकता का प्रभाव था। इस बात को समझने के बाद मुझे एहसास हुआ कि बदलाव की शुरुआत सबसे पहले मुझे खुद से करनी होगी। हम...

Marvellous book. ❤️✨❤️🔥 Don’t limit your identity to just your female body. There’s so much more to you. This book will tell you the reasons behind the pathetic condition of women today in India. It has covered almost every aspect of a woman’s life. Highly recommended. Surely after reading this, it has drastically changed my perspective on what real women’s empowerment and feminism are. R...

इस पुस्तक को पढ़ने के बाद पता चला की स्त्री के साथ शोषण केसे शुरू हुआ और किसने करा और अब उसे कैसे रोका जा सकता है और समाज की कहीं मान्यताएँ जो की स्त्री के शोषण के लिए जिम्मेदार है आचार्य जी ने उसका अच्छी तरह से खंडन किया है इसमें और इसमें जो सबसे उच्ची बात है वो है की महिला कोई देह नहीं एक चेतना है।

मैंने मेरे जीवन में आचार्य जी की सबसे पहले यह किताब पढ़ी और उसे पढ़ने के बाद मुझे लगा यह तो मेरी ही कहानी है जो एक पुस्तक में बताई गई है मुझे मेरे जीवन को एक सही दिशा देने के लिए इस किताब में बहुत मदद की है धन्यवाद आचार्य जी आपकी वजह से इस किताब की वजह से आज मैं अपने जीवन को सही दिशा ले जा पा रही हूं।

This book must be read by everyone. It is a religious book for women, and every line is authentic, drawn from real-life experiences that you can easily relate to yourself. I sincerely request every reader to read this book—it is truly beautiful. Thank you so much, Acharya Ji, for this wonderful gift. It is a blessing for all of us.

“देह नारी की है, पर अस्तित्व चेतना का है।”🕊️ यह अध्याय समझाता है कि नारी सशक्तिकरण का अर्थ केवल अधिकार या पहचान नहीं है, बल्कि अपने भीतर की चेतना को जानना है। 🌱 आचार्य जी कहते हैं कि सच्चा सम्मान बाहर से माँगने से नहीं, बल्कि आत्मबोध और स्पष्टता से मिलता है। असली गरिमा भीतर से पैदा होती है। 🪔 Acharya Ji, your teachings have shaken my conditioning and guided me towards self-awareness. Thank you...

आचार्य जी की यह बुक काफी ज्यादा हेल्प करती है वास्तविक स्त्री को जानने में स्त्री कोन है उसका वास्तविक रूप क्या है आदि जानने में। यह बुक प्रत्येक स्त्री को पढ़नी चाहिए ताकि वे स्त्री होने के मायने जान सके और अपने आपको सिर्फ देह भर न समझे क्योंकि वे शरीर से आगे भी बहुत कुछ है वही उसका वास्तविक स्वरूप है ...... धन्यवाद आचार्य जी 👏👏👏❤️

A Gift of True Raksha—A Book That Protects Through Wisdom This book is a courageous and compassionate exploration of the many struggles women face in our society. It doesn’t shy away from addressing sensitive and often silenced topics—violence and discrimination against women, dowry, menstruation taboos, the objectification of women, and the constant policing of how women should dress or behave....

इस पुस्तक की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है, इस पुस्तक ने मेरे अंदर से कई मान्यताओं, विकृत विचारों, परंपराओं आदि को तोड़ा, सोच को नई दिशा मिली। मैंने यह पुस्तक दूसरों को भी साझा किया। यह पुस्तक सभी को पढ़ना चाहिए। इतनी कम कीमत पे आपका जीवन बदलने के लिए पर्याप्त है यह पुस्तक। सीख - स्त्री देह नहीं चेतना है, और स्त्री वो सारे काम कर सकती है जो पुरुष कर सकता है या उससे आगे भी जा सकती है अगर बात चेतन...

इस बुक का एक एक पाठ बहुत बहुत प्रेरणा दायक है। इस बुक को पढ़ने के बाद मेरी कई मान्यताएं टूटी। मैं 20 साल की हु मुझे बचपन से चूंकि मैं एक लड़की हु तो मुझे बहुत तरह की डर और भ्रांतियां मुझ में डाल दी गई थी । जिनके चलते मैं बहुत ही हीन भावना से भरी हुई थी पर आचार्य जी ने ऐसी बहुत सारी बातों का खंडन किया है । और मुझे खुद से मिलाने में मदद की। धन्यवाद आचार्य जी 🙏
Every woman must read this book. It teaches that before anything else, a woman is a human being, and her first priority should be her work. True progress for a woman means the growth of her mind, her awareness, and her knowledge. Nurture these qualities. Make her a complete human being — that is true feminism.

ये मेरी सबसे पहली बुक थी जो मैंने आचार्य जी से जुड़ने के बाद ebook खरीदी थी। अब इसका हार्ड कॉपी भी है मेरे पास इस बुक को पढ़ने के बाद मुझे बहुत आत्मबल मिला है पहले तो बाहरी लोगों से जादा खुलकर बोल नही पाती थी। लड़की हो जादा जुबान न चलाओ ऐसे न खाओ ऐसे न सो बहुत तरह की बन्दिशे और डर मन में डाल दिया गया था कि तुम्हे दूसरे के घर जाना है ऐसे जबान चलाओगी तो नाक कट जायेगी हमारी। यही सब बस मैं भी अपने ...

आचार्य प्रशांत जी की यह पुस्तक “स्त्री” सिर्फ एक किताब नहीं, एक क्रांति की चिंगारी है — जो हमारी सोच, धारणाओं, भ्रमों और सामाजिक परतों को एक-एक कर उजागर करता है। यह पुस्तक उन सभी सवालों को छूती है जिन्हें समाज अक्सर अनदेखा कर देता है या जिन पर बात करना असहज मानता है। यह किताब पढ़ते-पढ़ते एक बात बिल्कुल स्पष्ट हो जाती है — स्त्री होने का अर्थ केवल शरीर, भूमिका या अधिकारों तक सीमित नहीं है। स्त्री...

अब तक मैंने जितनी भी किताबें पढ़ी, उनमें सबसे अधिक प्रेरणादायक कोई पुस्तक लगी तो, वो है- "स्त्री" आंतरिक बल की ओर। आचार्य जी की इस पुस्तक के माध्यम से मैंने पहली बार जाना कि स्त्री, देह और भावनाओं से इतर भी कुछ है यानि ' एक चेतना ' भी। इस बात को इससे पहले अब तक के जीवन में किसी ने मुझे नहीं समझाया, जो मेरे लिए इतने महत्व की थी। बाकी इस किताब के हर अध्याय से मुझे बहुत कुछ नया जानन...