
इस बुक का एक एक पाठ बहुत बहुत प्रेरणा दायक है। इस बुक को पढ़ने के बाद मेरी कई मान्यताएं टूटी। मैं 20 साल की हु मुझे बचपन से चूंकि मैं एक लड़की हु तो मुझे बहुत तरह की डर और भ्रांतियां मुझ में डाल दी गई थी । जिनके चलते मैं बहुत ही हीन भावना से भरी हुई थी पर आचार्य जी ने ऐसी बहुत सारी बातों का खंडन किया है । और मुझे खुद से मिलाने में मदद की। धन्यवाद आचार्य जी 🙏