
Regarding the Upanishads—or rather, their verses, which are often considered extremely difficult to comprehend, or whose understanding is likened to unraveling a mystery—when I read them in this book, I found their meaning to be surprisingly simple. There was nothing hidden or mysterious about them. Yet, just as they are simple, they are equally beneficial; everyone should read them, for while the...

निरालम्ब उपनिषद” एक गहरी और चिंतनशील पुस्तक है, जो हमें अपने भीतर झांकने और सच्चे आत्मज्ञान की ओर ले जाती है। इस किताब को पढ़ते हुए मुझे यह एहसास हुआ कि हम अक्सर बाहरी सहारों पर निर्भर रहते हैं, जबकि वास्तविक शक्ति और स्थिरता हमारे भीतर ही मौजूद होती है। लेखक ने बहुत सरल और स्पष्ट भाषा में उपनिषद के गूढ़ विचारों को समझाया है, जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ में आने लगते हैं। खासकर ‘निरालम्ब’ यानी ...

अगर किसी पाठक के मन में प्रश्न है कि देव कौन, असुर कौन, मानव कौन, दानव कौन, सही कर्म क्या, गलत कर्म क्या, सुख क्या दुख क्या, ऐसे ही सारे सवालों के जवाब मिलेंगे इसको पढ़ने पर। बहुत बहुत धन्यवाद आचार्य जी 🙏 आपकी इतनी निस्वार्थ प्रयास के लिए। मुझे हमेशा से तलाश थी भारतीय वेद, उपनिषद, साहित्यों को समझने की, सिर्फ आपकी वजह से ये सारे परिवर्तन आ पाए और मै पढ़ पाया। आचार्य जी बताते हैं कि हमारा मन न...

We always search for the highest means that which not end up soon.This particular Niralamba Upanishad saying to us if you have Bodh,True Love,Peace then you will not depend on something that depends upon numbers.Numbers have nature to decrease but that Bodh, Sunya not increase or decrease that sweetness always lies within you.

यह पुस्तक आज़ादी का अर्थ बहुत गहराई में जाके समझाती है। अध्यात्म के क्षेत्र में जितने भी प्रकार के मूल शब्द होते हैं जैसे कि ब्रह्मा, ईश्वर, कर्म, संसार, गुरु, शिष्य, संन्यास इत्यादि इन सभी शब्दों का अर्थ बताती है ये पुस्तक। अध्यात्म की शब्दावली को गहराई से समझने के लिए इस पुस्तक को जरूर पढ़ें।

यह उपनिषद पढ़ कर मुझे अपने सामाजिक, दैहिक व धार्मिक बंधनो की समझ आई है निरालंब उपनिषद ने मेरे भ्रम को तोड़ा व उद्धृत किया कि किस प्रकार संसार हमारे ऊपर बंधन लादता है व अहम अपने आपको किस प्रकार इन बंधनो से अपना आधिपत्य जमाता है उपनिषदों वो जो तुम्हारे दुख (बंधनों) से मुक्ति दिलाए ।

संयोग एक सनातन घर में जन्म ग्रहण करने के कारण बहुत छोटे समय में ही उपनिषदों से परिचय कराया गया था मेरा जीवन का सबसे पहले उपनिषद जिसे मैं अध्ययन शुरू किया वह था बृहद्रारण्यक उपनिषद। लेकिन कॉलेज में जाते-जाते बाजार की चक्का चांद और सोशल मीडिया से बेहोश होकर उपनिषद से दूर चला गया था आचार्य जी ने फिर से मार्ग पर लाएं। निरलम्ब उपनिषद का अध्ययन करने के बाद मेरे सारे भय पर निर्भरता दूर हो गया। मुझे असीम...

इस बुक में आपको हर उस प्रश्न का उतर मिलेगा जिस प्रश्न को लेकर आप अपने जीवन में बहोत परेशान रहते हो, जैसे जीव क्या? प्रकृति क्या? ईश्वर क्या? ब्रह्म क्या? परमात्मा कौन? देवता कौन? असुर कौन? पिसाच कौन? मनुष्य कौन? स्त्रियाँ क्या? पशु कौन? ब्राह्मण क्या? जाती क्या? कर्म क्या? अकर्म क्या? सुख दुख क्या? स्वर्ग नर्क क्या? बंधन मुक्ति क्या? शिष्य कौन विद्वान कौन? मुर्ख कौन? असुरत्व क्या? तप क्या है? सन्य...