मैंने कभी नहीं सोचा था कि उपनिषदों को पढ़ कर भी कुछ समझ आ सकता है, लेकिन ऐसा इस पुस्तक के साथ नहीं है। निरालम्ब उपनिषद् के श्लोकों को सरल भाषा में, पर उनके गहरे और जीवंत अर्थ बताएं गए हैं।