
29 जनवरी को लखनऊ के बी. आर. अम्बेडकर सभागार में आचार्य जी का विशेष सत्र शहर के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। लंबे समय बाद हुए इस सार्वजनिक संवाद के लिए ऐसा उत्साह उमड़ा कि सभागार समय से पहले ही पूरी तरह भर गया- बैठने तक की जगह नहीं बची। वातावरण जिज्ञासा, ऊर्जा और गहरी ग्रहणशीलता से भरा हुआ था; यहाँ तक कि विशिष्ट अतिथि भी बिना संकोच ज़मीन पर बैठकर सत्र का हिस्सा बने। एक मार्मिक क्षण तब आया जब आचार्य जी के आग्रह पर एक छोटी बच्ची ने भजन प्रस्तुत क…



































