
Sadhana mishra
मेरा पहला सत्र था ये.. बहुत खुश था मैं ऐसा लग रहा था कि दुनिया का सबसे ऊंचा कुछ मुझे मिला गया.. आचार्य जी को सामने से देखना बहुत सुंदर एहसास था.. जैसे वो सामने आए... बस एन आंखों से प्रेम के आंसू बह रहे थे.. आचार्य जी ने मुझे वापस खुद से मिलवाया और नए जीवन की या चलने की प्रेरणा दी.. आई लव यू आचार्य जी.. आपको प्रणाम हृदयतल से















