
🙏🏼 आचार्य जी, FOMO हो रही है… आज सिक्किम आए हुए 9 दिन हो गए। बेटे के एडमिशन के लिए आई थी, लेकिन जब उसे हॉस्टल में सामंजस्य बैठाने में कठिनाई हुई, तो कुछ दिन यहीं रुकने का निर्णय लिया। इसी बीच Weekend with Master सत्र भी था। ऑनलाइन जुड़ी तो रही, लेकिन वैसी एकाग्रता नहीं ला पाई जैसी सामान्यतः रहती है। उधर गीता प्रतिभागियों को HIDP कार्यक्रम करते देख मन में बार-बार एक कसक उठती रही—जैसे कोई बहुत महत्वपूर्ण चीज़ छूट रही हो। तभी मन में विचार आया—क्य…

















