
Abdus samad
साधना केवल किसी विशेष कार्यक्रम में उपस्थित होने का नाम नहीं है, बल्कि जहाँ जीवन ने अभी हमें रखा है, वहीं सत्य के अनुसार जीना भी साधना है। सत्य किसी एक स्थान, कार्यक्रम या आयोजन तक सीमित नहीं है। यदि वही सत्य हमारे व्यवहार, परिवार और जीवन में उतर रहा है, तो वही सबसे बड़ी साधना है।















