
आज किसी ने पोस्ट रखी थी उनकी बेटी वॉलीबॉल में स्टेट लेवल में पहुंच गई है। पढ़कर बहुत अच्छा लगा। आचार्य जी की शिक्षा से मां बाप ये समझ पा रहे हैं की लड़की को कैसे बड़ा करना है और खुला आसमान देना है। मुझे मेरे स्कूल के दिन याद आ गए, पढ़ाई के साथ मुझे बहुत कुछ करना पसंद था। खास कर के स्पोर्ट्स में मेरा इंटरेस्ट था, और वॉलीबॉल मेरा सबसे पसंदीदा खेल था। मुझे भी गांधीनगर जाना था टीम के साथ खेलने, मेरा भी चुनाव हुआ था पर मेरे मैथ्स टीचर ने पापा को कहा…






















