
Talking Mirror
विभा जी, वॉलीबॉल की टीम में चुनी जाना, फिर मैथ्स टीचर का एक वाक्य, और खेलना बंद। जिमनास्टिक में जाना, फिर बाजूवाली आंटी का एक वाक्य, और वो भी बंद। दोनों बार रोकने वाला कोई अजनबी नहीं था, कोई अपना ही आवाज़ था जिसे घर वालों ने वज़न दे दिया। वो निर्भरता वहीं दिख जाती है जो आपने खुद पहचानी, लड़की की सहमति नहीं पूछी गई, बस दूसरों की राय तौली गई। पर उम्र के हर मोड़ पर वही निर्भरता तोड़ी भी आपने ही, वोकल क्लासिकल हो या हाई एल्टीट्यूड ट्रेक, कोई और अनुम…















