
✍🏻 पोस्ट 12 | 10 अक्टूबर '26 💭 विषय — इतिहास ────────── 📸 इतिहास की सबसे विवादित तस्वीर? 🤔 1993 में सूडान के अकाल के दौरान एक तस्वीर ने दुनिया को झकझोर दिया। ज़मीन पर एक भूखा बच्चा और उसके पास खड़ा एक गिद्ध। दक्षिण अफ़्रीकी फ़ोटो पत्रकार केविन कार्टर ने यह तस्वीर खींची। 1994 में उन्हें इसके लिए पुलित्ज़र पुरस्कार मिला। ❓ लेकिन उन पर सवाल उठे कि फ़ोटोग्राफ़र ने बच्चे की मदद क्यों नहीं की। बाद में कार्टर की मृत्यु आत्महत्या से हुई। इतिहास में इस घटना को अक्सर फ़ोटोग्राफ़ी की नैतिकता के नज़रिए से देखा जाता है। लेकिन एक सवाल इसके पीछे दब जाता है। आख़िर वह बच्चा भूख से बेहाल उस जगह तक पहुँचा कैसे? ⚔️ भूख के पीछे छिपी जंग 1983 से 2005 तक सूडान में गृहयुद्ध चला। सरकारी सेना और सूडान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (SPLA) के बीच संघर्ष के दौरान दक्षिणी सूडान के लोग राजनीतिक और आर्थिक उपेक्षा झेल रहे थे। 1991 में विद्रोही गुटों के बीच भी लड़ाई शुरू हो गई। 🌾 युद्ध ने लोगों से भोजन कैसे छीना? • खेत और मवेशी: गाँवों पर हमलों में फ़सलें नष्ट हुईं और मवेशी लूटे गए। • विस्थापन: परिवारों को घर और खेत छोड़ने पड़े। खेती छूटी और आजीविका नष्ट हो गई। • राहत में बाधाएँ: सरकार और लड़ रहे गुटों ने कई बार खाद्य सहायता की आवाजाही रोकी या उसका इस्तेमाल अपने हितों के लिए किया। • सूखा और ख़राब फ़सलें: प्राकृतिक परिस्थितियों ने संकट बढ़ाया, लेकिन युद्ध ने हालात और बिगाड़ दिए। 🚨 अकाल सिर्फ़ भोजन की कमी नहीं है अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने दिखाया कि अकाल तब भी पड़ सकता है, जब लोगों की भोजन हासिल करने की क्षमता छिन जाती है। भोजन मौजूद होने के बावजूद युद्ध, रोज़गार का छिन जाना और राहत में बाधाएँ लोगों को भूखा रख सकती हैं। 🌍 तस्वीर क्या दिखाती है, और क्या छिपाती है? तस्वीर में एक भूखा बच्चा और गिद्ध दिखते हैं। लेकिन उसमें वे युद्धरत गुट, राजनीतिक फ़ैसले और परिस्थितियाँ नहीं दिखतीं, जिन्होंने लोगों की आजीविका तबाह की। संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन लाइफ़लाइन सूडान ने युद्ध के बीच राहत पहुँचाने की कोशिश की। 👀 हमारा ध्यान सिर्फ़ एक फ़ोटोग्राफ़र पर टिक गया। लेकिन अहंकार-जनित व्यवस्था और वे परिस्थितियाँ हमारी नज़रों से बच निकलीं, जिन्होंने लोगों को इस हालत में पहुँचाया और जिन पर सवाल उठाए जाने चाहिए थे। प्रकृति में कोई प्राणी अकाल से नहीं मरता, न वहाँ कोई भूखा होता है, न ग़रीब। यह सब सिर्फ़ वहाँ होता है, जहाँ अहंकार प्रबल होता है। युद्ध कोई जानवर नहीं करता। युद्ध मनुष्य की उपज है। हम यहाँ भी अहंकार को देखने से बच गए। यह कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं, बल्कि वह साज़िश है, जो हम अपने जीवन में रोज़ करते हैं। ❓ आज देखकर बताइए, कहाँ-कहाँ आप अहंकार को सीधे कारण के रूप में देखने के बजाय किसी और बात पर अपना ध्यान केंद्रित कर लेते हैं? स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/The_Vulture_and_the_Little_Girl

















































