गुरु को भूलने का क्या अंजाम? || आचार्य प्रशांत (2018)
आचार्य प्रशांत
इतने परेशान क्यों? || आचार्य प्रशांत (2018)
आज ठीक रहो, कल ठीक रहेगा || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
प्रेम और आकर्षण में क्या अंतर है? || आचार्य प्रशांत,युवाओं के संग (2016)
मन हल्का कैसे रहे? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
मन ग्रंथों से विमुख क्यों हो जाता है? || आचार्य प्रशांत (2016)
करोड़ों में कोई एक ही कबीर क्यों होता है? || आचार्य प्रशांत, गुरु कबीर पर (2014)
अध्यात्म, और ऊर्जा की मान्यताएँ || आचार्य प्रशांत (2016)
किसी भी काम में मन क्यों नहीं लगता है? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
व्यर्थ सवाल, और सही जवाब || आचार्य प्रशांत (2016)
असली गुरु जीवन की बात करता है || आचार्य प्रशांत (2016)
तथ्य, सत्य का द्वार हैं || आचार्य प्रशांत (2016)
कर्म और कर्मफल || आचार्य प्रशांत, भगवान बुद्ध पर (2013)
ज्ञानी और मूढ़ में भेद || आचार्य प्रशांत, भगवान बुद्ध पर (2013)
अस्तित्व, चेतना, और सामर्थ्य || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
जीवन में इतने विरोधाभास क्यों? || आचार्य प्रशांत (2016)
How to know what is good for oneself? || Acharya Prashant (2016)
Acharya Prashant
बंधन, स्वार्थ और उपयोगिता || आचार्य प्रशांत (2017)
प्रेम, डर और समझौता || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
समाज का गुरु के प्रति दायित्व क्या? || आचार्य प्रशांत (2018)
Enquiry is not suspicion; enquiry requires love || Acharya Prashant (2014)
Memories will not give you That || Acharya Prashant (2013)
वो काठ के योद्धा होते हैं जिन्हें डर नहीं लगता || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
मन को स्वस्थ रखने का तरीक़ा || आचार्य प्रशांत (2018)
संत का व्यक्तित्व, और तुम्हारी श्रद्धा || आचार्य प्रशांत (2017)
The saint is not obliged to conform to your expectations || Acharya Prashant, on Saint Lalleshwari
Feeling threatened by the world, you seek a false security from the same world || Acharya Prashant
To know the good or bad, you must first know what knowing is || Acharya Prashant, on Shri Krishna
Can you see something more important than your tiredness? || Acharya Prashant, on Rumi (2015)