
जो बिना मूल्य दिए मिले वो अमूल्य है || आचार्य प्रशांत (2015)
आचार्य प्रशांत

झूठी धारणाओं से भरा यदि मन, झूठे सम्बन्धों से भर जाएगा जीवन || आचार्य प्रशांत (2015)
आचार्य प्रशांत

मनुष्य वृत्तियों की भूमि पर परिस्थितियों का फैलाव है || आचार्य प्रशांत (2015)
आचार्य प्रशांत