मन्त्र, भजन, कीर्तन, जप, सुमिरन: अभिव्यक्ति के चार तल || आचार्य प्रशांत (2019)
आचार्य प्रशांत
बोध शिविर में आना इतना कठिन क्यों? || आचार्य प्रशांत (2017)
खोज दर्द, दर्द, दर्द और दर्द || आचार्य प्रशांत, संत रूमी पर (2017)
बच्चों की शादी के लिए चिंतित? || आचार्य प्रशांत (2017)
आध्यात्मिक ग्रंथ और बोध साहित्य पढ़ना ज़रूरी नहीं? || आचार्य प्रशांत (2018)
What is really changing over the course of evolution? || Acharya Prashant (2018)
Acharya Prashant
कठिन परिस्थितियों में ज्ञान काम क्यों नहीं आता? || आचार्य प्रशांत (2018)
क्या सभी संत और ग्रन्थ एक ही बात कहते हैं? || आचार्य प्रशांत (2017)
बचपन इतना क्यों याद आता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
ध्यान से पढ़ना और आत्म-जिज्ञासा || आचार्य प्रशांत (2013)
तर्क और समझ, संगीत और ध्यान || आचार्य प्रशांत (2018)
गुस्से में चीखने-चिल्लाने की समस्या || आचार्य प्रशांत (2018)
हम अपने सामर्थ्य को साकार क्यों नहीं कर पाते? || आचार्य प्रशांत (2018)
वैदिक साहित्य में यज्ञ को महत्वपूर्ण क्यों बताया गया है?|| आचार्य प्रशांत,माण्डूक्य उपनिषद् पर(2018)
मन क्यों डरा रहता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
अतीत- कीमती भी, कचरा भी || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
The speck of dust and the sky, you are both || Acharya Prashant (2018)
We know only one God, and that is ego || Acharya Prashant, on a Sufi story (2016)
सत्य के प्रेम में कैसे पड़ें? || आचार्य प्रशांत (2018)
अध्यात्म के बावजूद मन अशांत क्यों? || आचार्य प्रशांत (2018)
The three levels of giving || Acharya Prashant, on Rumi (2016)
मन किसे नहीं जान सकता? || आचार्य प्रशांत, केन उपनिषद पर (2013)
कैसा लगा इनसे मिलकर? || आचार्य प्रशांत, संतों पर (2016)
क्या गुरु सखा भी हो सकता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
केन उपनिषद का क्या महत्त्व? || आचार्य प्रशांत, केन उपनिषद पर (2013)
टोना-टोटका और मायावी शक्तियाँ क्या हैं? || आचार्य प्रशान्त (2018)
Whatever you choose for yourself will be poison || Acharya Prashant (2015)
तब के संत और अब के संत || आचार्य प्रशांत, श्री योगवाशिष्ठ पर (2017)
बुरी संगत कैसे पहचानें? कैसे बचें? || आचार्य प्रशांत (2017)
कौन परम को पाता है? || आचार्य प्रशांत, मुण्डकोपनिषद् पर (2015)