अपूर्ण से मुक्ति के साथ पूर्ण की संगति भी चाहिए || आचार्य प्रशांत (2019)
आचार्य प्रशांत
अध्यात्म और अंधविश्वास में अंतर समझें || आचार्य प्रशांत (2019)
मौत के बाद क्या होता है? श्रद्धा क्या है? || आचार्य प्रशांत (2016)
क्या आनंद मन की व्यक्तिगत अवस्था है? || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2018)
जहाँ नहीं आग वहाँ जलन और ज्वाला,शीतल हो गया राख हो जाने वाला || आचार्य प्रशांत, संत रहीम पर (2014)
न ज्ञान माँगो न विद्या, गुरु से लो गुरु की गुरुता || आचार्य प्रशांत (2015)
करीब आने का क्या अर्थ है? || आचार्य प्रशांत (2017)
अपने बारे में कैसे जानें? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)
अभिमान नासमझी है || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
असली की माँग छोड़ो, बस नकली को हटाते चलो || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
कृष्ण दूर बैठे हैं, या तुम कृष्ण से दूर भाग रहे हो? || आचार्य प्रशांत (2020)
कब तक सुनना होगा? || आचार्य प्रशांत (2018)
तेरे जमाल से रौशन है कायनात मेरी || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
शिष्य का क्या दायित्व? || आचार्य प्रशांत, गुरु कबीर पर (2013)
तुम्हें ज़िन्दगी की पहचान होती तो ऐसे होते तुम? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर(2014)
ग़ुलामी है उधारी की आत्म छवि || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
यह तो प्रार्थना नहीं || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2012)
कौन परम को पाता है? || आचार्य प्रशांत, मुण्डकोपनिषद् पर (2015)
परमात्मा को जाना नहीं जाता || आचार्य प्रशांत (2018)
इच्छा जिसे तलाश रही है वो इच्छा द्वारा मिल ही नहीं सकता || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
माया नहीं दीवार ही, माया सत्य का द्वार भी || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
दुनिया की मदद करने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए? II आचार्य प्रशांत (2019)
होश है जीवन का सम्मान || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
जीवन में पहले जैसा आनंद अब न अनुभव होता हो तो || आचार्य प्रशांत (2019)
कुविचार बार-बार क्यों लौट आते हैं? || आचार्य प्रशांत (2017)
यादें दो तरह की || आचार्य प्रशांत (2018)
पूर्णता मुखर मौन है; तुम्हारी सारी कहानियाँ अपूर्णता की हैं || आचार्य प्रशांत, ज़ेन पर (2014)
बच्चों का शोषण, और समाज में व्याप्त दुःख || आचार्य प्रशांत (2019)
बड़ा अहंकार, तर्क, और कुतर्क || आचार्य प्रशांत (2018)
डर और मदद || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)