
छोटी बातों का कारण पूछो, जो भी बड़ा है वो अकारण है || आचार्य प्रशांत (2015)
आचार्य प्रशांत

चतुर व्यापारी बाँटता ही जाता है,और बाँटने हेतु पाता है || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
आचार्य प्रशांत

दो ध्रुवों के मध्य भटकता रहता है मन || आचार्य प्रशांत (2015)
आचार्य प्रशांत