


भागे भला न होगा पढ़ते समय मुझे यह समझ आया कि हम जीवन की कठिन सच्चाइयों से बचने की कितनी कोशिश करते हैं, लेकिन यही भागना हमें और ज्यादा उलझन में डाल देता है। यह किताब बहुत सरल भाषा में कबीर की वाणी के माध्यम से जीवन की सच्चाइयों को सामने लाती है। आचार्य प्रशांत ने कबीर की साखियों को इस तरह समझाया है कि वे केवल आध्यात्मिक बातें नहीं लगतीं, बल्कि सीधे हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ जाती हैं। पढ़ते स...

This book by Acharya ji on Kabir Saheb shatters one's illusion of casually taking Dohe as just some kind of poetic lines. The book focuses on every aspect of our life, how we keep ourselves in bondages fully knowing but full of greed to challenge them- that's maya.

कबीर दास जी के दोहों में एक विशेष आकर्षण है जिसको अगर कोई भी व्यक्ति सुनता है तो प्राथमिक तलों के अर्थों को तो समझ ही जाता है इन दोहों मै जो गहराई से उतरता है वो और गहरा होते जाता है वेदांत को कबीर दास जी ने बहुत ही सरल तरीके से दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से व्यक्त किया है

मेरे हृदय के सबसे- सबसे क़रीब पुस्तकों में से एक... मुझे अद्भुत अवसर मिला — आचार्य जी और कबीर साहब के प्रेम को क़रीब से देखने का। कई बार अवाक् रह गया इस पुस्तक को पढ़कर... पुस्तक का हर पृष्ठ, व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को छूता है। मेरी सबसे प्रिय उक्तियों में से कुछ एक – "जो जागृत व्यक्ति होता है, उसके परिणामों के फल ज़रूर होते हैं, पर उसके लिए नहीं होते। वह करता है बहुत कुछ, पर अपने लिए नहीं क...