
कबीर दास जी के दोहों में एक विशेष आकर्षण है जिसको अगर कोई भी व्यक्ति सुनता है तो प्राथमिक तलों के अर्थों को तो समझ ही जाता है इन दोहों मै जो गहराई से उतरता है वो और गहरा होते जाता है वेदांत को कबीर दास जी ने बहुत ही सरल तरीके से दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से व्यक्त किया है