जहाँ संग्राम नहीं, वहाँ राम नहीं आध्यात्मिकता भगोड़ों को पनाह देने के लिए नहीं है, कि संसार से भागे तो अध्यात्मिकता में आ कर छिप गए, कि लड़ना न पड़े। सत्य सुरमा के लिए है, और परम पलायन से नहीं मिलता। 'न दैन्यं न पलायनं'