
भागे भला न होगा पढ़ते समय मुझे यह समझ आया कि हम जीवन की कठिन सच्चाइयों से बचने की कितनी कोशिश करते हैं, लेकिन यही भागना हमें और ज्यादा उलझन में डाल देता है। यह किताब बहुत सरल भाषा में कबीर की वाणी के माध्यम से जीवन की सच्चाइयों को सामने लाती है। आचार्य प्रशांत ने कबीर की साखियों को इस तरह समझाया है कि वे केवल आध्यात्मिक बातें नहीं लगतीं, बल्कि सीधे हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ जाती हैं। पढ़ते स...