
निरंतर ध्यान

10 सूत्र निरंतर ध्यान के” पढ़ते समय सबसे पहले जो चीज़ साफ हुई, वो यह कि ध्यान कोई technique या practice नहीं है जिसे बस रोज़ कुछ मिनट करके हासिल कर लिया जाए। हम आमतौर पर ध्यान को एक activity की तरह लेते हैं—बैठना, आँखें बंद करना, कुछ सोचना या न सोचना। लेकिन यह किताब उस पूरी समझ को चुनौती देती है। यह बार-बार दिखाती है कि ध्यान असल में हमारे पूरे जीवन से जुड़ा हुआ है, न कि सिर्फ कुछ समय के अभ्यास से...

📖 पुस्तक समीक्षा शीर्षक: 10 सूत्र निरंतर ध्यान के प्रकाशक: नवीन प्रकाशन 🌟 समीक्षा यह पुस्तक ध्यान साधना को सरल और व्यावहारिक रूप से समझाने का एक सारगर्भित प्रयास है। इसमें दिए गए 10 सूत्र किसी दार्शनिक या जटिल भाषा में नहीं बल्कि सीधे जीवन से जुड़े और प्रयोग करने योग्य तरीके से प्रस्तुत किए गए हैं। लेखक ने ध्यान को केवल “बैठकर आंखें बंद करने” तक सीमित न रखकर, उसे निरंतर जीवन शैली बनाने की दि...

ध्यान यानि meditation को लेकर बहुत भ्रांतियां फैलाई गई है और बहुत लोगों का धंधा चल रहा है इसी के नाम पर। इस किताब में लेखक ने उन सब बातों की जड़ में जाकर सच में ध्यान किसे कहते कहते हैं ये बताया है। आचार्य जी ने बहुत सरल भाषा में बताया है कि ध्यान को जीवन में कैसे साधे। इस किताब को पढ़ने के बाद आप को समझ आजाएगा कि market में कितना झूठ फैला है और meditataion के नाम पर और हमको कितना बेवकूफ बनाय...