
ध्यान यानि meditation को लेकर बहुत भ्रांतियां फैलाई गई है और बहुत लोगों का धंधा चल रहा है इसी के नाम पर। इस किताब में लेखक ने उन सब बातों की जड़ में जाकर सच में ध्यान किसे कहते कहते हैं ये बताया है। आचार्य जी ने बहुत सरल भाषा में बताया है कि ध्यान को जीवन में कैसे साधे। इस किताब को पढ़ने के बाद आप को समझ आजाएगा कि market में कितना झूठ फैला है और meditataion के नाम पर और हमको कितना बेवकूफ बनाय...