I am also going word by word, its getting very interesting. See even Poornam is negative…
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Vedamata Muddepal
I am also going word by word, its getting very interesting.
See even Poornam is negative only..
It comes from Pr dhaatu, pr means fill.
filling means absence of emptiness.you r filling to negate emptiness right? poorn has to be understood as absence of emptiness/incompleteness.
Please share the final list of positives and negatives in this light.
जी, आपकी बात सही है। 🙏
‘पूर्णम्’ को यदि केवल सामान्य अर्थ से न देखकर उसके संकेत की दृष्टि से देखें, तो वह वास्तव में रिक्तता/अपूर्णता के निषेध की ओर ही ले जाता है।
इसी दृष्टि से मैंने सभी 50 शब्दों को दोबारा देखा है। आधार यह रखा है कि शब्द ब्रह्म के विषय में कुछ सकारात्मक रूप से इंगित कर रहा है, या वास्तव में किसी सीमा, अभाव, परिवर्तन अथवा भ्रम का निषेध कर रहा है।
🌿 Via Positiva (+)
1. ब्रह्म (Brahman) — परम/निरपेक्ष सत्य
2. आत्मन् (Atman) — आत्मा / Self
3. सत् (Sat) — सत्ता / अस्तित्व
4. प्रज्ञानम् (Prajnanam) — शुद्ध चेतना
5. चैतन्यम् (Chaitanyam) — चेतना / बोध
6. आनन्द (Ananda) — आनन्द
7. शिवम् (Shivam) — कल्याणस्वरूप
8. ज्योतिः (Jyotih) — प्रकाश
9. स्वयंज्योतिः (Svayamjyotih) — स्वयं प्रकाशित
10. भूमन् (Bhuman) — असीम व्यापकता / पूर्ण विस्तार
11. पुरुष (Purusha) — परम/अन्तःस्थित पुरुष
12. ईश (Isha) — ईश्वर / परम तत्त्व
13. अन्तर्यामिन् (Antaryamin) — भीतर स्थित नियन्ता
14. ॐ (Om) — ब्रह्म का पवित्र संकेत
15. एकम् (Ekam) — एक
16. सर्वगतम् (Sarvagatam) — सर्वव्यापी
🕊️ Via Negativa (−)
17. सत्यम् (Satyam) — जो मिथ्या/परिवर्तनशील नहीं
18. ज्ञानम् (Jnanam) — जो जड़/अचेतन नहीं
19. पूर्णम् (Purnam) — जिसमें रिक्तता या अपूर्णता नहीं
20. शान्तम् (Shantam) — जिसमें अशान्ति/विक्षोभ नहीं
21. साक्षी (Sakshi) — जो स्वयं दृश्य/विषय नहीं
22. कूटस्थ (Kutastha) — जो परिवर्तन से प्रभावित नहीं होता
23. तुरीय (Turiya) — जो जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति में से कोई नहीं
24. ध्रुवम् (Dhruvam) — जो बदलता/डिगता नहीं
25. अद्वैतम् (Advaitam) — दो नहीं / द्वैत का अभाव
26. अनन्तम् (Anantam) — जिसका अन्त/सीमा नहीं
27. अक्षरम् (Aksharam) — जिसका क्षय नहीं
28. अज (Aja) — जिसका जन्म नहीं
29. अमृतम् (Amritam) — जो मृत्यु के अधीन नहीं
30. अव्ययम् (Avyayam) — जिसका व्यय/क्षय नहीं
31. अव्यक्तम् (Avyaktam) — जो व्यक्त नहीं
32. अचिन्त्यम् (Achintyam) — जिसे विचार में बाँधा नहीं जा सकता
33. अनिर्देश्यम् (Anirdeshyam) — जिसे निश्चित रूप से निर्दिष्ट नहीं किया जा सकता
34. अदृष्टम् (Adrishtam) — जो देखा नहीं जा सकता
35. अव्यवहार्यम् (Avyavaharyam) — जो सामान्य व्यवहार का विषय नहीं
36. अग्राह्यम् (Agrahyam) — जिसे ग्रहण नहीं किया जा सकता
37. अलक्षणम् (Alakshanam) — जिसका कोई निर्धारित लक्षण नहीं
38. अव्यपदेश्यम् (Avyapadeshyam) — जिसे शब्दों द्वारा ठीक-ठीक बताया नहीं जा सकता
39. अशब्दम् (Ashabdam) — जो शब्द/ध्वनि का विषय नहीं
40. अस्पर्शम् (Asparsham) — जो स्पर्श का विषय नहीं
41. अरूपम् (Arupam) — जिसका रूप नहीं
42. अरसम् (Arasam) — जो रस/स्वाद का विषय नहीं
43. अगन्धम् (Agandham) — जो गन्ध का विषय नहीं
44. अनादि (Anadi) — जिसका आदि नहीं
45. अनन्तरम् (Anantaram) — जिसका कोई भीतर नहीं
46. अबाह्यम् (Abahyam) — जिसका कोई बाहर नहीं
47. अचलम् (Achalam) — जो चलता/बदलता नहीं
48. अमात्र (Amatra) — जिसे किसी मात्रा में मापा नहीं जा सकता
49. प्रपञ्चोपशमम् (Prapanchopashamam) — जहाँ प्रपञ्च/बहुलता का उपशम हो जाता है
50. नेति नेति (Neti-Neti) — न यह, न यह
📊 अंतिम परिणाम:
🌿 Via Positiva: 16/50 = 32%
🕊️ Via Negativa: 34/50 = 68%
अर्थात जब हम केवल शब्द की बाहरी बनावट नहीं, बल्कि वह वास्तव में क्या इंगित कर रहा है यह देखते हैं, तो कई दिखने वाले सकारात्मक शब्द भी निषेधात्मक निकलते हैं।
शायद यही बात इस अभ्यास को इतना रोचक बना रही है। 😊
ब्रह्म को कोई गुण देकर सीमित करने के बजाय वेदान्त बार-बार हमारी बनाई हुई सीमाओं को हटाता जाता है — यह नहीं, यह भी नहीं… नेति-नेति। 🙏