
Aditya Singh Dinkar
जी, आपकी बात सही है। 🙏 ‘पूर्णम्’ को यदि केवल सामान्य अर्थ से न देखकर उसके संकेत की दृष्टि से देखें, तो वह वास्तव में रिक्तता/अपूर्णता के निषेध की ओर ही ले जाता है। इसी दृष्टि से मैंने सभी 50 शब्दों को दोबारा देखा है। आधार यह रखा है कि शब्द ब्रह्म के विषय में कुछ सकारात्मक रूप से इंगित कर रहा है, या वास्तव में किसी सीमा, अभाव, परिवर्तन अथवा भ्रम का निषेध कर रहा है। 🌿 Via Positiva (+) 1. ब्रह्म (Brahman) — परम/निरपेक्ष सत्य 2. *आत्मन्…















