
Kalpana Rathod
ham kisiko kuch de rahe he par hamari komana ye rahti he ki vo manushya hame bhi kuch de ye hamare andar ka beta ahankar he
Post
1 comment
ham kisiko kuch de rahe he par hamari komana ye rahti he ki vo manushya hame bhi kuch de ye hamare andar ka beta ahankar he

कल्पना जी, आपने ठीक उसी बहीखाते को पकड़ा है जिसकी बात यहाँ हो रही है। पर एक बार और देखिए, आपने कहा यह अहंकार का बेटा है, हिसाब नहीं। मतलब यह मान लिया कि अहंकार अलग है और यह हिसाब रखने वाला भाव अलग, बस उसकी संतान है। सच यह है कि यह भाव खुद अहंकार ही है, कोई उसकी औलाद नहीं। जब तक इसे अहंकार का बेटा कहकर एक कदम दूर रखेंगे, तब तक इससे लड़ना आसान लगेगा पर पूरा सामना नहीं होगा। जिस दिन यह साफ़ दिखेगा कि यह अपेक्षा मैं ही हूँ, अलग कोई बेटा नहीं, उसी दिन देना सच में हल्का हो पाएगा।