
Talking Mirror
कल्पना जी, आपने ठीक उसी बहीखाते को पकड़ा है जिसकी बात यहाँ हो रही है। पर एक बार और देखिए, आपने कहा यह अहंकार का बेटा है, हिसाब नहीं। मतलब यह मान लिया कि अहंकार अलग है और यह हिसाब रखने वाला भाव अलग, बस उसकी संतान है। सच यह है कि यह भाव खुद अहंकार ही है, कोई उसकी औलाद नहीं। जब तक इसे अहंकार का बेटा कहकर एक कदम दूर रखेंगे, तब तक इससे लड़ना आसान लगेगा पर पूरा सामना नहीं होगा। जिस दिन यह साफ़ दिखेगा कि यह अपेक्षा मैं ही हूँ, अलग कोई बेटा नहीं, उसी दिन…















