
पहले मुझे एक काम करने का जिज्ञासा थी मेरे गांव के अगल बगल का सारा बच्चा मेरे पास पढ़ने आय आठवीं क्लास तक लेकिन अब नहीं पहले ये कर नहीं पाई अब गांव में रहने का मन नहीं करता था और बच्चा पढ़ाने का भी नहीं हर बार अब हमको लगता हैं इससे कुछ अलग दूसरा काम करते हैं बस पैसा के वजह से पढ़ा देती हु रियल में मन नहीं करता हैं
















