
Vimal Tiwari
पहले गुटका नहीं खाता था अब कभी-कभी खाता हूं
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पहले गुटका नहीं खाता था अब कभी-कभी खाता हूं

विमल जी, पहले नहीं खाता था, अब कभी-कभी खाता है, यह जो हिसाब आपने खुद लगाया है, उसी में जवाब छुपा है। पहले की हालत आपको पता थी, आज की आदत भी आपको पता है, फिर भी "कभी-कभी" कहकर बात को इतना हल्का बना दिया कि जांचने की जरूरत ही न रहे। जो चीज़ धीरे-धीरे बढ़ती है, वो हमेशा "कभी-कभी" के नाम से ही शुरू होती है, उसे कोई "रोज़ की आदत" कहकर शुरू नहीं करता।