
Madhuri Haridas Ambh
सिर्फ़ आचार्य जी के सत्र सुनने से ही मेरे अंदर बहुत कुछ टूटता है, बाकी रोजमर्रा के कामों से मै जैसी कि तैसी रह जाती हूं। आचार्य जी की शिक्षा से मेरा बहुत अज्ञान हटा है, लेकिन मुझे अपने आप में बहुत बदलाव लाने है और उस की शुरुवात मैने आत्मवलोकन से कर दी है।
















