
Hansa j Kevadiya
हम कितना ही कोशिश करते हैं लेकिन कुछ भी घटित होता है तो सबसे पहले अहंकार आत्मरक्षण की ही सोचता है। हां आत्मज्ञान हो तो हम इसमें आत्म अवलोकन करके इसमें गौर जरूर सकते हैं, हमें दिख तो जाता है, कि यह अहम खुद को बचाने में लगा है । पर हमने जो आदतें बना ली है, सालों से तो सबसे पहले तो हम खुद (अहम )की सुरक्षा करने में ही लग जाते है।
















