
Sanket Sudhakar Mahajan
किसी भी अस्थायी बात/कार्य/उपलब्धी को अपनी पहचान बना लेना अहंकार को अपनी अधुरेपन को भरने के लिये जरुरी लगता हैं, इस बात को मैने आज ही होते देखा हैं | एक अच्छा खेल मेरे द्वारा आज हुआ तुरंत इसे उपलब्धी मानकर पहचान बना दिया गया और इस पहचान मे दिन का अधिकतर समय व्यतीत हुआ |
















