सही लक्ष्य नहीं बदलना चाहिए। उसके लिए रास्ते यदि बदलने पड़ें, तो कोई बात नहीं। ज़िंदगी ऐसे उपहार देती रहती है। रास्ते बदलते रहते हैं, कोई चिंता नहीं 🙂
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25 commentsसही लक्ष्य नहीं बदलना चाहिए। उसके लिए रास्ते यदि बदलने पड़ें, तो कोई बात नहीं। ज़िंदगी ऐसे उपहार देती रहती है। रास्ते बदलते रहते हैं, कोई चिंता नहीं 🙂

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I needed it at this moment, because I really need to reconsider my path I've been walking, because my honesty is tied to the goal, not to the path!

रास्ते स्वत: बदलते जा रहे हैं। आचार्य जी के ज्ञान के प्रकाश में स्वयं के अंदर बदलाव नहीं कर पाए तो जीवन व्यर्थ चला जाएगा।

आचार्य जी मुझे भी बहुत कुछ करना है हमारे मिशन के लिए लेकिन अभी मुझे लगता है पहले अपनी पढ़ाई पूरी करूं और साथ ही आप जो सिखा रहे हैं वो गहराई से समझु आप जो समझाना चाहते हैं उसे भीतर बस जाने देना चाहतीं हुं आपके प्रत्येक शब्द को। आप हर तरफ से सब ठीक करना चाहते हैं। मुझे आपकी ही तलाश थी मैं हमेशा से ही अकेली ज्यादा रही हूं मतलब इंसानों के बीच कम रही हुं गायों और उनके बछड़ों के साथ ही ज्यादा समय रहता है मेरा उनसे पास रहती हूं तो मन शांत नहीं करना पड़ता अपने आप हो जाता है मैं गांव में रहती हूं गाय, कुत्ते, चिड़िया,मोर, बिल्ली सभी जो गांव में होते हैं मैं उन्हें ही ज्यादा देखतीं आईं हुं और इसी कारण में आपके पास भी आ पाई क्योंकि मैंने देखा आप पशुओं के बारे में जितना सोचते हैं उनसे प्रेम करते हैं बिल्कुल यह देख मैं बहुत खुश हुई मैंने किसी को नहीं देखा जो पशुओं से इतना प्रेम करता है मैं आपसे बहुत प्रभावित हुई थी। और फिर आपके बारे में और जाना तो पता चला यही वो जगह है जहां जीवन की असली सुन्दरता है। बहुत बहुत धन्यवाद आचार्य जी 🙏✨🥹 जितना करूं उतना कम है। एक ओर बात जब YouTube शोर्ट विडियो स्क्रोल करते आपका विडियो सामने आया तब पहली बार आपको देखा तो मुंह से यही निकला की काश मेरे पिता जी ऐसे होते क्षमा करें आचार्य जी लेकिन मन में यही आया और मैंने सर्च किया की कौन वो भाग्यशाली बेटी है जिनके पिता आचार्य प्रशांत है कम्युनिटी पर आकर पता चला एक नहीं है लाखों बेटियां और बेटे हैं। मैं अभी कुछ नहीं कर सकती सिवाय गीता सत्र सुनने और अपनी पढ़ाई करने के लेकिन मैंने बहुत कल्पनाएं की है की में बुक स्टॉल लगाऊंगी और जब पैसे आ जाएंगे तो सबको बुक गिफ्ट करूंगी और स्कूल जहां मैं पढ़ाऊंगी वहां पर बच्चों को आप से जो मेंने सीखा होगा उन्हें भी सीखाऊगी मैं अभी खुद को समर्थ बना रहीं हुं शारीरिक, मानसिक, आर्थिक इन सबके साथ ही आपके ज्ञान को सब तक पहुंचाएगी। दुःख इस बात का है की मुझे लगभग दो साल लगेंगे 😞

🙏🏻

अब पुराने रास्तों पर चाह कर भी चलना नहीं हो पाता

आचार्य जी का कभी मुझे भी

प्रणाम आचार्य जी 🙏🙏

हमने रास्ते ही बदल दिए। जहां सुविधा थी आराम था ऐसे रास्ते ही छोड़ दिए। अब अपने आप को आहुति की तरह डाल देना है। सही लक्ष्य में बस ✨🔥💪

आचार्य जी का रिप्लाई कितना भाग्यशाली हो

🙏🙏

आज के दिन आचार्य जी की comment ने धन्य कर दिया 🙏🏻❤️

Pranam Aachary ji 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

**"हाँ… ज़िंदगी उपहार देती भी है और परखती भी। रास्ते बदलते हैं तो लगता है जैसे सब छूट रहा हो, पर सच तो यह है कि वही बदलते रास्ते हमें वहाँ ले जाते हैं जहाँ हम सच में पहुँचने के लिए बने होते हैं। चिंता तभी होती है जब हम वर्तमान को अंत समझ लेते हैं… वरना हर मोड़ पर एक नया आकाश हमारा इंतज़ार कर रहा होता है।" धन्यवाद आचार्य जी🙏🙏🙏🙏हम जैसे झुन्नू और धनिया को अपने सानिध्य में रखने के लिए ।

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🙏❤️

जी आचार्य जी, 🙏🙏 खुद से बचने का मूल मंत्र भी आप ही सिखा रहे हैं !! सुहृदय आभार 🙏🙏🪔🪔🌹🌻🙏🙏

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प्रणाम आचार्यजी

❤️📍 चाह गई चिंता मिटी मनवा बेपरवाह सिखा दिया आपने आचार्य जी ❤️🍁😇

आचार्य जी ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

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आचार्य जी 🙏

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