
Kiran
आचार्य जी मुझे भी बहुत कुछ करना है हमारे मिशन के लिए लेकिन अभी मुझे लगता है पहले अपनी पढ़ाई पूरी करूं और साथ ही आप जो सिखा रहे हैं वो गहराई से समझु आप जो समझाना चाहते हैं उसे भीतर बस जाने देना चाहतीं हुं आपके प्रत्येक शब्द को। आप हर तरफ से सब ठीक करना चाहते हैं। मुझे आपकी ही तलाश थी मैं हमेशा से ही अकेली ज्यादा रही हूं मतलब इंसानों के बीच कम रही हुं गायों और उनके बछड़ों के साथ ही ज्यादा समय रहता है मेरा उनसे पास रहती हूं तो मन शांत नहीं करना पड…




























