
? जिस मूर्ति, ग्रन्थ या विचार को मैंने पकड़ रखा है, क्या वह मुझे मेरी वर्तमान स्थिति दिखा रहा है,या उसे पकड़ना ही स्वयं को न देखने का मेरा नया तरीका बन गया है? 🌱जब भी मैं मूर्ति को देखती हू तो वह मुझे मेरी वर्तमान स्थिति दिखाती हैं।जब मैं मूर्ति को देखती हू तो वह मुझे अपनी कमियो को उजागर करती है। वह मुझे खुद से वर्तमान स्थिति पर प्रश्न पूछती हैं क्यों के साथ। 🌱वह मेरे अन्दर साहस लाती है उसके लिए जो कार्य करना जरूरी है। भीतर मौजूद डर को खत्म करती…
















