
पृथ्वी को समझने के लिए उसके अंदर क्या है उसका गहराई से अभ्यास करना पड़ता ठीक उसी तरह हमारी अंदर भी क्या चल रहा उसको भी गहराई से जानना पड़ेगा, आज हम भी दुनिया जो कहती वो करते है लेकिन एक बार अपने अंदर जाक के नहीं देखते के ये सच है या गलत, हैं पता ही है क्या करने से पृथ्वी की गर्मी बढ़ेगी फिर भी लोग आंख बंद करके वो सब करते है,
















