
Dharmendra Mishra
जब कोई गलत करता है तब स्वार्थ के अनुसार काम करते है कभी चुपचाप सहते है कभी जवाब देते है। मै अहंकार को सुरक्षित किए
Post
1 comment
जब कोई गलत करता है तब स्वार्थ के अनुसार काम करते है कभी चुपचाप सहते है कभी जवाब देते है। मै अहंकार को सुरक्षित किए

धर्मेन्द्र जी, आपने खुद ही पकड़ लिया, वो चुप्पी हो या जवाब, दोनों तराज़ू एक ही अहंकार से तुल रहे हैं, स्वार्थ के हिसाब से। यही तो असली ईमानदारी है, ये देख लेना कि प्रतिक्रिया चुनने वाला कौन है। अब बस इतना और देखिए, अगली बार जब कोई गलत करे, चुप रहते या जवाब देते वक़्त, वो पल पकड़ने की कोशिश करें जहाँ तय हो रहा है कि बहीखाता खुलेगा या नहीं।