
सबसे पहले राजा राम मोहन राय जी को और उनके जैसे सभी योद्धाओं को देखकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है। जिन्होंने गलत होते देखा तो पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने आवाज उठाई और अंत तक लड़े भी। समाज तरफ से जितना भी विरोध मिला, उसके बावजूद वे डटे रहे। मैं भी अब पहले के मुकाबले तथ्यों पर बात करना शुरू कर रहा हूँ। बस अभी साहस और नीयत की थोड़ी कमी है कि मैं अपनी बातों को हमेशा अच्छे से रख नहीं पाता। और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि अगर मैं अपनी बात को अच्छ…
















